कालिका धाम · महाकाली

कथा

आद्या का प्रादुर्भाव

जब असुर-भार बढ़ा, आदि शक्ति काली रूप में प्रकट हुईं — जगत् की रक्षा के लिए।

दक्षिण काली की करुणा

शिव शव पर पैर रखकर माँ रुकती हैं — जिह्वा लज्जा, भक्त पर दया।

दक्षिणेश्वर का दर्शन

रामकृष्ण माँ काली को जीवन्त देखा — भक्ति का घर-आँगन रूप।

स्थानीय पंचांग और घर की रीति मान्य। विज्ञापन नहीं।