नन्दी द्वारपाल
सफेद नन्दी मंदिर के द्वार पर बैठे हैं। जो शांत मन से आता है, नन्दी उसे अंदर बुलाते हैं।
शिवायतन · शिव धाम
सफेद नन्दी मंदिर के द्वार पर बैठे हैं। जो शांत मन से आता है, नन्दी उसे अंदर बुलाते हैं।
एक बड़ी नदी बहुत तेज आ रही थी। शिव ने उसे अपनी जटा में धीरे से रोका, ताकि सब सुरक्षित रहें।
तीन पत्तों वाला बिल्व शिव को प्रिय है। एक छोटा बच्चा भी प्रेम से पत्र चढ़ा सकता है।
स्थानीय पंचांग और घर की रीति मान्य। विज्ञापन नहीं।