शिवायतन · शिव धाम

सङ्कट पाठ

शांत बैठकर एक छोटा पाठ — फिर जप। परम्पराएँ घर-घर भिन्न हैं।

स्थानीय पंचांग और घर की रीति मान्य। विज्ञापन नहीं।